. Poem on Mother in Hindi – (माँ की परिभाषा) हम एक शब्द हैं तो वह पूरी भाषा है हम कुंठित हैं तो वह एक अभिलाषा है बस यही माँ की परिभाषा है. हम समुंदर का है तेज तो वह झरनों का निर्मल स्वर है हम एक शूल है तो वह सहस्त्र ढाल प्रखर हम दुनिया के हैं अंग, वह उसकी अनुक्रमणिका है हम पत्थर की हैं संग वह कंचन की कृनीका है हम बकवास हैं वह भाषण हैं हम सरकार हैं वह शासन हैं हम लव कुश है वह सीता है, हम छंद हैं वह कविता है. हम राजा हैं वह राज है, हम मस्तक हैं वह ताज है वही सरस्वती का उद्गम है रणचंडी और नासा है. हम एक शब्द हैं तो वह पूरी भाषा है. बस यही माँ की परिभाषा है.
Keep a positive attitude. Accept that there are events that you cannot control. Be assertive instead of aggressive. Learn and practice relaxation techniques; try meditation, yoga, or tai-chi for stress management. Exercise regularly. Eat healthy, well-balanced meals.
When people have the most basic material life, happiness is more important than money for them. If they want to earn more money , and they will lose many things, like family companionship, the companionship of friends and the companionship of children, which influence them to have a happy life.
Travelling Essay – To travel from one place to another for different purposes is generally called travelling. People do not travel always for the same purposes. Someone travels to gain knowledge and experience, someone travels for pleasure, someone travels for business purposes etc. It has much educative value.
19 नवंबर : देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्मदिन-> नयी दिल्ली, 19 नवम्बर (भाषा) स्वतंत्र भारत के इतिहास में चंद लोग ऐसे हुए हैं, जिन्होंने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर अपनी अमिट छाप छोड़ी और उनके व्यक्तित्व की मिसालें दी गईं। इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी भी एक ऐसा ही नाम है, जिन्हें उनके निर्भीक फैसलों और दृढ़निश्चय के चलते ‘लौह महिला’ कहा जाता है। जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के यहां 19 नवंबर,1917 को जन्मी कन्या को उसके दादा मोतीलाल नेहरू ने इंदिरा नाम दिया और पिता ने उसके सलोने रूप के कारण उसमें प्रियदर्शिनी भी जोड़ दिया। फौलादी हौसले वाली इंदिरा गांधी ने लगातार तीन बार और कुल चार बार देश की बागडोर संभाली और वह देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। उनके कुछ फैसलों को लेकर वह विवादों में भी रहीं। जून 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई भी उनका एक ऐसा ही कदम था, जिसकी कीमत उन्हें अपने सिख अंगरक्षकों के हाथों जान गंवाकर चुकानी पड़ी। 19 नवंबर की तारीख में इतिहास में दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:...
हे अर्जुन ! तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो, तुम क्या लाए थे जो तुमने खो दिया, तुमने क्या पैदा किया था जो नष्ट हो गया, तुमने जो लिया यहीं से लिया, जो दिया यहीं पर दिया, जो आज तुम्हारा है, कल किसी और का होगा। क्योंकि परिवर्तन ही संसार का नियम है।